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श्री सूक्त मंत्र साधना(Shri Sukt Mantra Sadhna

सेवा शुल्क:- 11000

(Seva Amount -11000)

श्री सूक्त (Shree Suktam) माता महालक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे प्राचीन और प्रामाणिक वैदिक मार्ग है। जहाँ अन्य मंत्रों को 'तांत्रिक' माना जाता है, वहीं श्री सूक्त 'वैदिक' ऋचाओं का संग्रह है। इसे धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य की प्राप्ति का अमोघ अस्त्र माना गया है।

1. श्री सूक्त का परिचय और शास्त्रीय उल्लेख(1. Introduction and classical mention of Sri Sukta)-श्री सूक्त का उल्लेख ऋग्वेद के 'खिल सूक्त' में मिलता है। इसके अतिरिक्त यजुर्वेद, सामवेद और विभिन्न पुराणों (जैसे विष्णु पुराण और मार्कंडेय पुराण) में इसकी महिमा गाई गई है।उद्गम: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी प्रकट हुईं, तब देवताओं ने ऋग्वेद की इन 15-16 ऋचाओं (मंत्रों) के द्वारा उनकी स्तुति की थी। महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए स्वयं भगवान विष्णु ने ऋषियों को इन मंत्रों का ज्ञान दिया था।

2. श्री सूक्त साधना के लाभ(Benefits of Sri Sukta Sadhana)- इस साधना से न केवल आर्थिक, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति भी होती है:

दारिद्रय दहन: घर से दरिद्रता और कंगाली का समूल नाश होता है।

स्थिर लक्ष्मी: व्यापार में वृद्धि और धन का संचय (बचत) होने लगता है।

ऋण मुक्ति: लंबे समय से चले आ रहे कर्जों से मुक्ति मिलती है।

सौभाग्य: घर में सुख-शांति, संतान सुख और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

3. साधना की विधि, समय और मंत्र संख्या(Method of Sadhana, Time and Number of Mantras)- श्री सूक्त साधना मुख्य रूप से अभिषेक (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) और हवन के माध्यम से की जाती है।

विवरण(Description)

विस्तृत जानकारी(Detail Info)- मुख्य मंत्र"ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥" (16 ऋचाएं)

अनुष्ठान अवधि सामान्यतः 1 दिन

जप संख्या- पूर्ण अनुष्ठान में श्री सूक्त के 100 पाठ का विधान है।

हवन- पाठ का दशांश (10%) हवन किया जाता है, जिसमें कमल गट्टे और बिल्व फल का प्रयोग अनिवार्य है।


4. कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप पर लाइव पूजा विधि(Live Puja Vidhi on Kaivalya Astro App)- कैवल्य एस्ट्रो ऐप पर आप दुनिया के किसी भी कोने से इस भव्य अनुष्ठान का लाभ ले सकते हैं:

ऐप खोलें और चयन करें: ऐप के 'Puja' सेक्शन में जाकर 'Shree Suktam Path & Abhishek' चुनें।

संकल्प: पूजा शुरू होने से पहले आचार्य आपसे वीडियो कॉल या ऑडियो माध्यम से जुड़ेंगे। वे आपका नाम, गोत्र और आपकी विशेष इच्छा (जैसे व्यापार वृद्धि या कर्ज मुक्ति) का लाइव संकल्प करवाएंगे।

लाइव प्रसारण: पूजा के दौरान आप ऐप पर Live Streaming के जरिए अभिषेक और आहुतियां देख सकते हैं।

पूर्णता: अंत में आचार्य आपको आरती में सम्मिलित करेंगे और पूजा के बाद अभिमंत्रित 'श्री यंत्र' या प्रसाद आपके घर कूरियर कर दिया जाएगा।


5. किसी भक्त के द्वारा साधना का उद्गम(Origin of Sadhana by a devotee) -ऐतिहासिक रूप से आदि शंकराचार्य के समय में इस साधना का एक विशेष चमत्कार देखा गया। कथा है कि जब शंकराचार्य एक निर्धन महिला के घर भिक्षा मांगने गए, तो उसने उन्हें केवल एक सूखा आंवला दिया। उसकी दरिद्रता देख कर आचार्य का हृदय द्रवित हो उठा और उन्होंने महालक्ष्मी की स्तुति में 'कनकधारा' और 'श्री सूक्त' का पाठ किया। परिणामस्वरूप, उस महिला के घर में सोने के आंवलों की वर्षा हुई। तब से भक्तों के बीच यह विश्वास दृढ़ हुआ कि श्री सूक्त का पाठ असंभव को भी संभव बना सकता है।

विशेष सुझाव(Special Suggestion):श्री सूक्त का पाठ करते समय शुक्रवार का दिन और कमलगट्टे की माला का उपयोग अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान पीले या गुलाबी वस्त्र धारण करना लाभ को दोगुना कर देता है।