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भूमि पूजन (Bhoomi Pujan)

 भूमि पूजन क्या है?

What is Bhoomi Pujan?

भूमि पूजन (भू‍मि = धरती, पूजन = पूजा) वह वैदिक अनुष्ठान है जो किसी भवन, मंदिर, फैक्ट्री, दुकान या किसी भी निर्माण कार्य को प्रारम्भ करने से पहले किया जाता है। इसमें भूमि (पृथ्वी) से क्षमा माँगी जाती है और देवताओं का आह्वान कर निर्माण कार्य के लिए शुभ आशीर्वाद लिया जाता है।


 भूमि पूजन कब किया जाता है?

    When is the puja performed?

भूमि पूजन निम्न अवसरों पर किया जाता है:

  • नया घर बनवाने से पहले

  • प्लॉट खरीदने के बाद निर्माण प्रारम्भ से पूर्व

  • फैक्ट्री / दुकान / ऑफिस निर्माण से पहले

  • मंदिर या धार्मिक स्थल निर्माण से पहले

आमतौर पर यह नींव (foundation) डालने से पहले किया जाता है।


 क्यों किया जाता है?

Why is it done?

  1. भूमि से अनुमति और क्षमा याचना के लिए

  2. वास्तु दोष शांति हेतु

  3. निर्माण में बाधा न आए

  4. सुख-समृद्धि और सुरक्षा हेतु

  5. नकारात्मक ऊर्जा शुद्धि के लिए


 भूमि पूजन के लाभ

    Benefits of Bhoomi Pujan

  • वास्तु दोषों का शमन

  • निर्माण कार्य में रुकावट कम होती है

  • धन, सुख, शांति और समृद्धि की वृद्धि

  • दुर्घटनाओं से सुरक्षा

  • पारिवारिक कलह में कमी

  • ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है


किन दोषों से मुक्ति मिलती है?

From which defects does get relief?

  • भूमि दोष

  • वास्तु दोष

  • पितृ दोष (कुछ विशेष विधि के साथ)

  • नाग दोष (यदि भूमि से सम्बंधित हो)

  • ग्रह जनित बाधाएँ


 क्या भूमि पूजन मुहूर्त अनुसार किया जाता है?

Is bhoomi pujan performed according to muhurat?

हाँ, भूमि पूजन मुहूर्त देखकर ही किया जाता है।

 शुभ समय:

Good time:

  • उत्तरायण काल श्रेष्ठ

  • शुभ मास: वैशाख, माघ, फाल्गुन, चैत्र

  • शुभ तिथि: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी

  • शुभ वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

  • शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, अनुराधा, हस्त, उत्तराषाढ़ा, रेवती

❌ अमावस्या, पूर्ण ग्रहण, भद्रा काल आदि में नहीं करना चाहिए।


 भूमि पूजन में किन देवताओं की वेदी बनती है?

Which gods' altars(vedi) are made during Bhoomi Pujan?

भूमि पूजन में सामान्यतः निम्न देवताओं की स्थापना की जाती है:

  1. भगवान गणेश – विघ्नहर्ता

  2. भूमि देवी (पृथ्वी माता)

  3. वास्तु पुरुष

  4. नाग देवता

  5. कुल देवता

  6. नवग्रह (विशेष विधि में)


 प्रमुख देवता 

the main god

भूमि पूजन के मुख्य देवता हैं:

  • श्री गणेश

  • वास्तु पुरुष

  • भूमि देवी


? प्रमुख मंत्र

1️⃣ गणेश मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

? न्यूनतम जप: 108 बार


2️⃣ वास्तु पुरुष मंत्र

ॐ वास्तुपुरुषाय नमः

? न्यूनतम जप: 108 बार


3️⃣ पृथ्वी मंत्र

ॐ पृथ्वी देवाय नमः

? न्यूनतम जप: 108 बार


 कम से कम कितने ब्राह्मण आवश्यक हैं?

      At least how many brahmins are required?

  • साधारण भूमि पूजन: 1 योग्य ब्राह्मण पर्याप्त

  • विस्तृत वैदिक अनुष्ठान: 2 ब्राह्मण

  • बड़े मंदिर या औद्योगिक निर्माण में: 5 


 कैवल्य एस्ट्रो ऐप के माध्यम से भूमि पूजन कैसे कराएं?

   How to perform Bhoomi Pujan through Kaivalya Astro App?

कैवल्य एस्ट्रो ऐप के माध्यम से:

  1. ऐप डाउनलोड करें

  2. भूमि पूजन सेवा चुनें

  3. अपना स्थान, तिथि और विवरण दर्ज करें

  4. ज्योतिषाचार्य से मुहूर्त निकलवाएँ

  5. ऑनलाइन या ऑफलाइन ब्राह्मण बुक करें

  6. आवश्यक सामग्री की सूची प्राप्त करें

  7. वीडियो कॉल के माध्यम से भी पूजन संभव


 निष्कर्ष 

Conclusion

भूमि पूजन केवल धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि ऊर्जा शुद्धि और सकारात्मक शुरुआत का संस्कार है। यह निर्माण कार्य को आध्यात्मिक सुरक्षा प्रदान करता है और जीवन में स्थिरता व समृद्धि का आधार बनता है। 

ध्यातव्य विषय:- अनुष्ठान सेवा राशि एक दिवसीय हेतु 15000 है |

Note:-  The ritual service fee (anusthan seva rashi) is 15000 for one day 

घर पर अनुष्ठान कराने पर आने जाने का व्यय और सामग्री का व्यय अलग से देना होगा 

If the ritual is performed at home, the travel expenses and material expenses will have to be paid separately.