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नवीन गृह प्रवेश पूजन (New home entrance)

नवीन गृह प्रवेश (जिसे 'अपूर्व गृह प्रवेश' भी कहा जाता है) सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है। जब कोई व्यक्ति पहली बार अपने नए बने हुए घर में रहने जाता है, तो उस समय की जाने वाली पूजा को नवीन गृह प्रवेश कहते हैं।

यहाँ आपके सभी प्रश्नों के विस्तार से उत्तर दिए गए हैं:


1. नवीन गृह प्रवेश क्या है और कब किया जाता है?

1. What is new house warming and when is it done?

  • परिभाषा: नए निर्मित भवन (New Construction) में पहली बार प्रवेश करने की प्रक्रिया 'नवीन गृह प्रवेश' कहलाती है।

  • समय: यह हमेशा शुभ मुहूर्त में किया जाता है। इसके लिए माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ मास उत्तम माने जाते हैं। मंगलवार को छोड़कर अन्य शुभ वार और स्थिर नक्षत्रों (जैसे रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी आदि) में इसे करना श्रेष्ठ है।

2. अधिपति देवता और वेदी निर्माण 

2.The presiding deity and the construction of the altar(vedi)

  • अधिपति देवता: इस पूजा के मुख्य अधिपति 'वास्तु पुरुष' हैं। उनके साथ भगवान गणेश (प्रथम पूज्य) और कुलदेवी-देवता की पूजा अनिवार्य है।

  • वेदी निर्माण: पूजा में निम्नलिखित प्रमुख वेदियों का निर्माण किया जाता है:

    1. गणेश वेदी: विघ्नहर्ता की स्थापना के लिए।

    2. नवग्रह वेदी: नौ ग्रहों की शांति और आशीर्वाद के लिए।

    3. वास्तु मण्डल: वास्तु पुरुष की आकृति और 81 या 64 पदों वाली वेदी।

    4. कलश स्थापन: वरुण देव के प्रतीक स्वरूप।

    5. क्षेत्रपाल वेदी: स्थान की सुरक्षा के लिए।

3. मुख्य मंत्र और जाप विधान

3. Main Mantra and Chanting System

  • मुख्य मंत्र: वास्तु शांति के लिए 'वास्तु गायत्री' या 'वास्तु पुरुष मंत्र' का प्रयोग होता है:

    "ॐ वास्तोष्पते प्रति जानीह्यस्मान् स्वावेशो अनमीवो भवान्।"

  • जाप संख्या: शास्त्रोक्त विधि के अनुसार वास्तु शांति के लिए 21,000 मंत्रों का जाप  माना जाता है। यदि समय कम हो, तो कम से कम 11,000 जाप अवश्य करने चाहिए।

  • माला: जाप के लिए रुद्राक्ष की माला सबसे श्रेष्ठ मानी गई है।

4. पूजन का उल्लेख और ब्राह्मणों की संख्या

4. Mention of worship and number of Brahmins.

  • उल्लेख: इसका विस्तृत वर्णन 'मत्स्य पुराण', 'अग्नि पुराण', 'शिल्प शास्त्र' और 'विश्वकर्मा प्रकाश' में मिलता है।

  • ब्राह्मण: कम से कम 1 मुख्य आचार्य होना चाहिए। पूर्ण विधि-विधान, पाठ और हवन के लिए 2  ब्राह्मण पर्याप्त होते हैं ताकि जाप और अनुष्ठान समय पर शुद्धता से पूर्ण हो सके।


5. कैवल्य एस्ट्रो (Kaivalya Astro) ऐप के माध्यम से बुकिंग

5. Booking through Kaivalya Astro App

Kaivalya Astro App आपकी पूजा को सरल और प्रामाणिक बनाने का एक आधुनिक माध्यम है। इसके जरिए पूजा फिक्स करने की प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  1. ऐप डाउनलोड और लॉगिन: सबसे पहले प्ले स्टोर से 'Kaivalya Astro' ऐप डाउनलोड करें और अपना अकाउंट बनाएं।

  2. Service चयन: होम स्क्रीन पर 'dharmik aayojan' या 'Rituals' के विकल्प पर क्लिक करें।

  3. Category: यहाँ 'Griha Pravesh' (New House) का चयन करें।

  4. Muhurat Consultation: यदि आपको मुहूर्त नहीं पता, तो आप ऐप के माध्यम से ज्योतिषी से बात करके अपने नाम और जन्म तिथि के अनुसार सबसे सटीक मुहूर्त निकलवा सकते हैं।

  5. Pandit Selection: आप अपनी भाषा (जैसे हिंदी या संस्कृत) और स्थान के आधार पर अनुभवी वैदिक ब्राह्मणों का चुनाव कर सकते हैं।

  6. Booking Confirm: दक्षिणा और पूजन सामग्री की जानकारी प्राप्त करने के बाद, अपनी तारीख बुक करें। ऐप आपको पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट (Checklist) भी भेज देगा।


नवीन गृह प्रवेश के लाभ

The Benefits of Entering a New Home

  • घर के निर्माण के समय हुई हिंसा (मिट्टी खोदना, लकड़ी काटना आदि) का दोष दूर होता है।

  • भवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • परिवार में सुख, समृद्धि और वंश की वृद्धि होती है।

    ध्यातव्य विषय:- एक दिवसीय पूजन शुल्क 21000  है |इसमें दो  ब्राह्मण उपलब्ध रहेंगे | तीन दिवसीय गृह प्रवेश पूजन सेवा 51000 है।

    Note: The ritual service fee (Anushthan Sewa Rashi) is 21,000 for one day and 51,000 for three days.

    घर पर अनुष्ठान कराने पर आने जाने का व्यय और सामग्री का व्यय अलग से देना होगा 

    If the ritual is performed at home, the travel expenses and material expenses will have to be paid separately.